बांकीपुर उपचुनाव में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है. प्रशांत ने उस सीट पर बीजेपी को हराया है जहां 31 साल से उसका कब्जा रहा है. नितिन नवीन के बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद खाली हुई बांकीपुर उपचुनाव में पार्टी ने प्रचार के दौरान हर संभव ताकत लगाई, लेकिन प्रशांत किशोर को जीतने से रोक नहीं पाई. बीजेपी ने 40 स्टार प्रचारक उतारे. इसके अलावा तमाम विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को प्रचार में उतारा गया, लेकिन फिर भी अपने गढ़ को नहीं बचा पाई. गौर करने वाली बात यह है कि इस सीट पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी रेखा गुप्ता तीसरे नंबर पर रहीं.
तमिलनाडु में अभिनेता विजय का राजनीतिक उठान, दिल्ली के जंतर-मंतर पर उभरते नए चेहरों की मौजूदगी और अब बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर का प्रदर्शन एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या मतदाता पारंपरिक दलों के विकल्प की तलाश में हैं, या फिर यह केवल अलग-अलग राज्यों की स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों का असर है! बिहार के बांकीपुर के रुझानों ने इतना जरूर संकेत दिया है कि नई राजनीतिक शक्तियों को अब नजरअंदाज करना पुराने दलों के लिए आसान नहीं होगा.