42 डिग्री तापमान और धधकती आग के बीच तपस्या!

42 डिग्री तापमान और धधकती आग के बीच तपस्या!

भीषण गर्मी, 40 से 42 डिग्री तापमान और चारों तरफ धधकती आग… ऐसी हालत में जहां आम इंसान कुछ मिनट भी नहीं ठहर सकता, वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी की 28 साल की त्रिवेणी नंदगिरि अपनी आस्था और साधना से लोगों को हैरान कर रही हैं. आग की धूनी के बीच घंटों बैठकर तपस्या करने वाली त्रिवेणी को देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. उनकी यह साधना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है.

धमतरी में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

धमतरी के गोकुल वाटिका में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं. यहां 28 वर्षीय त्रिवेणी नंदगिरि की अनोखी तपस्या को देखने के लिए न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों और यहां तक कि महाराष्ट्र से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. हर कोई इस कठिन साधना को अपनी आंखों से देखना चाहता है.

आग की धूनी के बीच साधना

त्रिवेणी ने पांच दिनों तक धूनी तपस्या करने का संकल्प लिया है. तपती दोपहर में जब सूरज सिर पर आग बरसाता है, ठीक उसी वक्त दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक वे जलती धूनी के बीच बैठती हैं. चारों तरफ आग की तपिश के बावजूद वे शांत भाव से एक ही स्थान पर ध्यान में लीन रहती हैं, जिसे देखकर लोग हैरान रह जाते हैं.

श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक

परिजनों और श्रद्धालुओं का कहना है कि त्रिवेणी को देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त है. यही कारण है कि वे इतनी भीषण गर्मी और आग की तपिश को आसानी से सह पा रही हैं. कई लोग इसे आस्था और शक्ति का अद्भुत उदाहरण मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे आध्यात्मिक चमत्कार की तरह देख रहे हैं.

See also  नवविवाहित जोड़ों के लिए प्रेमानंद जी महाराज की खास सलाह, बताए सुखी विवाह के 5 मंत्र

समाज कल्याण के लिए चुनी तपस्या की राह

त्रिवेणी का कहना है कि आज का समाज दुखों और परेशानियों से घिरा हुआ है. लोगों के इसी कष्ट को दूर करने और समाज के कल्याण के लिए उन्होंने तपस्या का यह मार्ग चुना है. उनका मानना है कि साधना के जरिए वह सकारात्मक ऊर्जा फैला सकती हैं.

पहले भी कर चुकी हैं कठिन साधना

यह पहली बार नहीं है जब त्रिवेणी ने ऐसी कठिन तपस्या की हो. पिछले वर्ष भी उन्होंने जल समाधि लेकर साधना की थी, जिसने लोगों को चौंका दिया था. इस बार उनकी धूनी तपस्या ने एक बार फिर लोगों के बीच उत्सुकता और श्रद्धा का माहौल बना दिया है.