कानपुर के बर्रा सात में मंगलवार दोपहर किराये के कमरे में मृत मिले दंपती का शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ। दोनों की मौत की वजह फंदा लगने से दम घुटना बताया गया है। वहीं, दिनभर पोस्टमार्टम हाउस में मृतक सौरभ सविता और शालिनी उर्फ रानी के परिजन एक दूसरे को बेटे-बेटी की मौत का जिम्मेदार ठहराकर लड़ते रहे।
पुलिस कर्मियों ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की तो वह उनसे भी उलझते दिखे। हालांकि, शाम करीब छह बजे दोनों परिवार के लोग एक ही वाहन से दोनों शवों को लेकर गांव के लिए रवाना हो गए। मंगलवार शाम बर्रा सात स्थित मकान की दूसरी मंजिल के कमरे में मृत मिले सौरभ और शालिनी रिश्ते में चचेरे भाई-बहन थे।
दाेनों प्रेम विवाह कर दिल्ली जाकर रहने लगे थे
इसलिए उनके प्रेम संबंधों को लेकर दोनों परिवारों में मतभेद था। इसे लेकर चार माह पहले भीमसेन चौकी में उनके रिश्ते को लेकर दोनों परिवारों की पंचायत हुई थी। तब शालिनी सौरभ के साथ ही जिंदगी बिताने की जिद पर अड़ी रही थी। कुछ दिन बाद दाेनों प्रेम विवाह कर दिल्ली जाकर रहने लगे थे।
इंस्टाग्राम आईडी पर कई रील पुलिस को मिली
पांच दिन पहले वहां से लौटने पर किराये पर कमरा लिया था। मंगलवार को दोनों के शव मिले थे। सोमवार सुबह दोनों परिवार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और एक दूसरे को देखकर गाली-गलौज करने लगे, जिन्हें बाद में शांत कराया गया। सौरभ की इंस्टाग्राम आईडी पर कई रील पुलिस को मिली हैं।
सौरभ ने पोस्ट मे लिखा था माई वाइफ इज एवरीथिंंग
इनमें से एक रील में दोनों नजर आ रहे हैं। इसमें सौरभ ने लिखा है कि माई वाइफ इज एवरीथिंंग। वहीं, एक वीडियो में शालिनी सौरभ को बुलट पर बैठाकर चलाती दिख रही है। सौरभ रील बना रहा है। डीसीपी दीपेंद्रनाथ चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फंदा लगना बताया गया है।
पुलिस की कार्यशैली को कोसा
सौरभ का पोस्टमार्टम तो दोपहर करीब 12:30 बजे हो गया था। हालांकि, नवविवाहिता का मामला होने पर एसीपी की अनुमति का पेपर न होने से शालिनी का पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सका। शाम को एसीपी की अनुमति होने के बाद पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान सौरभ का शव भी एक साथ ले जाने के चलते इंतजार किया गया। देरी के चलते पीड़ित परिवार पुलिस की कार्यशैली को कोसते नजर आए।











