बकरीद पर बुझ गया घर का इकलौता चिराग
घोसियाना मुहल्ले में बकरीद का त्योहार उस समय मातम में बदल गया्, जब एक मासूम की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मुहल्ले वालों ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जमकर आक्रोश है।
कस्बे के घोसियाना मुहल्ले में संघ कार्यालय से इमामबाड़ा के पीछे तक नाला निर्माण ठेकेदार द्वारा अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे खाली पड़ी जमीन तालाब बन गई और उसमें जलभराव हो गया, इसी स्थान से जुड़ा मोहम्मद आजम का मकान है।
गुरुवार को सभी हंसी खुशी से बकरीद का त्योहार मना रहे थे। शाम लगभग पांच बजे आजम का ढ़ाई वर्षीय पुत्र अल्तमस घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया। परिजन मुहल्ले में उसकी खोजबीन करने लगे। तभी कुछ लोगों की नजर पानी में उतराते अल्तमस पर पड़ी। परिजन उसे पानी से निकाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सक ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
त्योहार की खुशियां मातम में बदल गयी। इकलौते पुत्र का शव देख मां अल्फिया बार-बार बेहोश हो रही थी। माता-पिता का करुण क्रंदन सुन सभी की आंखे नम हो गई। लोग नगर पंचायत पर मनमानी कार्यशैली का आरोप लगाकर नाराजगी जताते देखे गए। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते ठेकेदार ने पूरा नाला बना दिया होता तो अल्तमस जीवित होता।