वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले में 29 गेंद में 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली. वैभव ने अपनी इस पारी में 10 चौके और 8 छक्के भी उड़ाए. वैभव जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो उन्हें पहले ओवर की आखिरी दो गेंदें खेलने को मिला, जिस पर उन्होंने लगातार चौके से अपना खाता खोला. उसके बाद तो फिर वैभव ने बैट से जो तलवारबाजी की उससे श्रीलंका ए के गेंदबाज बुरी तरह से दहल गए.
वैभव ने धुआंधार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 11 गेंद में अपनी फिफ्टी पूरी कर ली. लिस्ट ए में ये अब तक का सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी है. वैभव की विध्वंसक बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपनी फिफ्टी को पूरा करने में उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के लगाए. वैभव ने अपने अर्धशतक को पूरा करने में सिर्फ बाउंड्री से डील की.
64 रन में वैभव ने नहीं लिया एक भी सिंगल
वैभव के साथ बल्लेबाजी करने उतरे प्रियांश आर्य उन्हें सिर्फ स्ट्राइक देने का काम कर रहे थे. यही कारण है कि वैभव ने अपने शुरुआत के 64 रन में से एक भी सिंगल नहीं लिया. उन्होंने ये सारे रन चौके और छक्के से बनाए. वैभव का 65वां रन सिंगल से आया था. वैभव के इस बल्लेबाजी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह क्रीज कितने खतरनाक थे.
पूरे सीरीज में नहीं चल पाया था वैभव का बल्ला
श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले से पहले वैभव सूर्यवंशी का पूरे त्रिकोणीय सीरीज में बल्ला शांत रहा था. यहां तक की श्रीलंका के खिलाफ ही सुपर ओवर में वह टीम इंडिया को जीत नहीं दिला पाए थे, लेकिन अहम मौके पर वैभव की दमदार वापसी हुई, जिससे उन्होंने टीम इंडिया को खिताबी मुकाबले में एक विस्फोटक शुरुआत दिलाने का काम किया. फाइनल में वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 132 रनों की पार्टनरशिप की.











