अमेरिका के टेक्सास में भारतीय मूल की एक रेस्तरां मालिक रश्मि भट्ट का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय और मेडिटेरेनियन भोजन परोसने वाले रेस्तरां की मालिक ने एक वीडियो में कहा कि वह अपने रेस्तरां में कर्मचारियों की भर्ती भारतीय होने के आधार पर नहीं करतीं।उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
कौन हैं रश्मि भट्ट?
Rashmi Bhat टेक्सास के New Braunfels में स्थित 7 Monk’s Cafe की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने अपनी मां के साथ मिलकर 2019 में यह रेस्तरां शुरू किया था। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर के बावजूद उनका व्यवसाय टिक पाया और धीरे-धीरे स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में रश्मि ने कहा, “मैं अपने भारतीय रेस्तरां में भारतीयों को नौकरी नहीं देती।” हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय भारतीयों को बाहर रखना नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को जातीय पहचान से अलग रखना है। रश्मि के अनुसार, जब लोग किसी भारतीय रेस्तरां में आते हैं तो अक्सर यह मान लेते हैं कि वहां काम करने वाले सभी लोग भारतीय ही होंगे। लेकिन उन्होंने और उनकी मां ने शुरुआत से ही अलग सोच अपनाई। रश्मि का कहना है कि उन्होंने कभी “भारतीय टीम” बनाने का लक्ष्य नहीं रखा। उनके मुताबिक, “हमने एक बेहतरीन टीम बनाने का लक्ष्य रखा, न कि किसी विशेष जातीय समूह की टीम।”
अमेरिका के टेक्सास में भारतीय मूल की एक रेस्तरां मालिक रश्मि भट्ट का बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय और मेडिटेरेनियन भोजन परोसने वाले रेस्तरां की मालिक ने एक वीडियो में कहा कि वह अपने रेस्तरां में कर्मचारियों की भर्ती भारतीय होने के आधार पर नहीं करतीं।उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
कौन हैं रश्मि भट्ट?
Rashmi Bhat टेक्सास के New Braunfels में स्थित 7 Monk’s Cafe की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने अपनी मां के साथ मिलकर 2019 में यह रेस्तरां शुरू किया था। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर के बावजूद उनका व्यवसाय टिक पाया और धीरे-धीरे स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में रश्मि ने कहा, “मैं अपने भारतीय रेस्तरां में भारतीयों को नौकरी नहीं देती।” हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आशय भारतीयों को बाहर रखना नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को जातीय पहचान से अलग रखना है। रश्मि के अनुसार, जब लोग किसी भारतीय रेस्तरां में आते हैं तो अक्सर यह मान लेते हैं कि वहां काम करने वाले सभी लोग भारतीय ही होंगे। लेकिन उन्होंने और उनकी मां ने शुरुआत से ही अलग सोच अपनाई। रश्मि का कहना है कि उन्होंने कभी “भारतीय टीम” बनाने का लक्ष्य नहीं रखा। उनके मुताबिक, “हमने एक बेहतरीन टीम बनाने का लक्ष्य रखा, न कि किसी विशेष जातीय समूह की टीम।”










