पत्नी को मौत के मुंह से खींच लाया पति
खेत में गन्ने के फसल की सिंचाई कर रही महिला पर तेंदुए ने हमला कर दिया। पत्नी को बचाने के लिए पास में मौजूद पति शोर मचाते हुए तेदुए भिड़ गया। शोर सुनकर आसपास मौजूद किसान लाठी-डंडा लेकर दौड़े तो तेंदुआ सेमल के पेड़ पर चढ़ गया।
तीन घंटे से वह पेड़ पर बैठा है। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए चारों ओर से घेराबंदी किए हुए है। वहीं, तेंदुए के हमले में घायल दंपती को इलाज के लिए सीएचसी से मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज के दलजीतपुरवा निवासी 55 वर्षीय रामेश्वर के खेत में गन्ना लगा हुआ है। तेज धूप के चलते फसल सूख रही थी। जिस पर वह बुधवार को पंपिंग सेट से पानी चलाकर फसल की सिंचाई कर रहे थे। सिंचाई में पत्नी 50 वर्षीय रामावती भी हाथ बंटा रही थी।
पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ
सिंचाई के दौरान जंगल से निकल आए तेंदुए ने महिला के सिर को दबोच लिया। महिला के शोर मचाने पर पति बचाने दौड़ा और भिड़ गया। अन्य किसानों ने हांका लगाते हुए दौड़े तो तेंदुआ दोनों को छोड़कर कुछ दूरी पर स्थित सेमल के पेड़ पर चढ़ गया।
घायल दंपती को सीएचसी पहुंचाया गया। यहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वन क्षेत्राधिकारी एसके तिवारी टीम के साथ मौके पर पहंचे। उन्होंने तेंदुए को पेड़ पर चढ़ा देखा।
इस पर ग्रामीणों की भीड़ को हटाया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुआ लगभग ढाई वर्ष का लग रहा है। काफी ऊपर टैंकुलाइज करने पर वह नीचे गिर जाएगा। ऐसे में उसे सुरक्षित जंगल की ओर भगाने का प्रयास किया जा रहा है।
तीन दिन से दिख रहा तेंदुआ
दलजीतपुरवा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कर्ताराम वर्मा ने बताया कि तेंदुआ बीते तीन दिनों से गांव में दिख रहा है। वन विभाग से पिंजड़ा लगाने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक पिंजड़ा नहीं लगा है। उन्होंने ग्रामीणों व बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पिंजड़ा लगाए जाने की मांग की है।