सहेली के बंद घर में छात्रा से की थी दरिंदगी
अदालत ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में सैफ अली को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके अलावा आरोपित शजाउल को छात्रा की भाभी के साथ दुष्कर्म के मामले में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। फैसला आने के बाद जमानत पर बाहर चल रहे सैफ अली को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।
यह मामला नगर के एक मुहल्ले का है। यहां रहने वाले पर कारोबारी की नाबालिग बेटी एक इंटर कालेज में पढ़ती थी। 24 नवंबर 2022 की दोपहर वह अपनी भाभी के साथ बाजार में खरीदारी करने गई थी। वापस लौटते समय रास्ते में पीड़िता की भाभी उसे अपनी सहेली के घर ले गई थी। जहां मुहल्ला जट बाजार निवासी सैफ अली और शजाउल पहले से मौजूद थे।
उस समय घर में सहेली मौजूद नहीं थी। इसी दौरान दोनों ननद-भाभी घर लौटने लगीं तो सैफ अली और शजाउल ने दरवाजा बंद कर लिया। इसी दौरान सैफ अली ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किया, जबकि शजाउल पर भाभी के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। आरोपितों ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।
इस मामले में 1 दिसंबर 2022 को दोनों आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचक ने 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। जेल भेजे गए दोनों आरोपित जमानत पर जेल से बाहर थे।
अब मामले की सुनवाई पोक्सो एक्ट की विशेष अदालत में चल रही थी। अदालत ने सुनवाई के दौरान सैफ अली को दोषी करार दिया तथा उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि शजाउल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।