अगर आप भी यशस्वी जायसवाल के इंग्लैंड दौरे पर भारतीय वनडे टीम में न चुने जाने से मायूस हैं तो ठहरिए अभी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है. यशस्वी के पास एक मौका और बचा है. उनका अब भी 14 जुलाई से शुरू होने जा रही वनडे सीरीज में सिलेक्शन हो सकता है. अब आप कहेंगे कि ये कैसे संभव है. चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने तो यशस्वी को शतक बनाने के बावजूद दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालकर बाहर फेंक दिया तो फिर वह उन्हें क्यों और कैसे इंग्लैंड ले जाएंगे. मगर कहानी अभी बाकी है मेरे दोस्त…!
अब भी कैसे हो सकता है यशस्वी का सिलेक्शन
दरअसल, अजीत अगरकर की अध्यक्षता में सीनियर समिति ने जिन 15 खिलाड़ियों के नाम का ऐलान किया है, उनमें विराट कोहली का खास तौर पर मेंशन किया गया है. बीसीसीआई की आधिकारिक प्रेस रीलिज में कहा गया है कि कोहली की उपलब्धता फिटनेस के आधार पर है. यानी इंजर्ड चल रहे विराट कोहली अगर फिटनेस टेस्ट में पास होते हैं तभी इंग्लैंड में वनडे सीरीज खेलेंगे. अगर वह तय समयसीमा तक फिट नहीं हो पाते हैं तो उनकी जगह किसी और प्लेयर को चुना जाएगा.
अब यशस्वी का सबकुछ भगवान भरोसे ही है
हैम्स्ट्रिंग में खिंचाव के चलते विराट अफगानिस्तान के खिलाफ हुई घरेलू वनडे सीरीज में नहीं खेल पाए थे. ऐसे में चयनकर्ताओं ने यशस्वी जायसवाल को स्क्वॉड में शामिल किया. लखनऊ में हुए दूसरे वनडे में जायसवाल भले ही सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन चेन्नई में हुए अगले, तीसरे और आखिरी मैच में उनके बल्ले से 86 गेंद में 110 रन की नाबाद पारी खेली. अगर विराट पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो चयनकर्ताओं को उनके रिप्लेसमेंट का ऐलान करना होगा, जो शत प्रतिशत यशस्वी जायसवाल ही होंगे.
तीन मैच में दो शतक के बावजूद क्यों नहीं हुआ सिलेक्शन
दरअसल, विराट कोहली के न होने से अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में शुभमन गिल उनकी नंबर तीन पोजिशन पर बैटिंग करने चले गए और यशस्वी जायसवाल के लिए अपना ओपनिंग स्लॉट खाली कर दिया, लेकिन अब जब विराट आ जाएंगे तो गिल को रोहित के साथ ओपनिंग करना होगा. चौथे, पांचवें नंबर पर ईशान किशन और श्रेयस अय्यर हैं, ऐसे में यशस्वी की कहीं जगह ही नहीं बन रही थी. शायद यही कारण है कि पिछली तीन वनडे पारियों में दो-दो शतक ठोकने के बावजूद यशस्वी जायसवाल को इंग्लैंड दौरे पर जगह नहीं मिली.











