मां का आशिक बना जल्‍लाद! रोड़ा बनी 15 साल की बेटी को सूटकेस में भरा

मां का आशिक बना जल्‍लाद! रोड़ा बनी 15 साल की बेटी को सूटकेस में भरा

पंजाब के नवांशहर से एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया जिसने ममता को शर्मसार और मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया. एक कलयुगी मां के नाजायज प्रेम संबंधों की कीमत उसकी अपनी ही 15 साल की बेगुनाह नाबालिग बेटी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी. मां के प्यार में अंधा हो चुका 23 साल का आशिक इस कदर हैवान बन गया कि उसने न सिर्फ तड़पा-तड़पाकर मासूम की जान ली बल्कि उसके वजूद को हमेशा के लिए मिटाने की रूह कंपा देने वाली साजिश रची. इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाया तो सामने आई हकीकत को सुनकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए. जंगल की खाक छानते हुए पुलिस को जो मिला, उसने इस कत्ल की बेरहमी की गवाही खुद-ब-खुद दे दी.

नवांशहर मर्डर केस 5 मुख्य बातें

• प्रेम प्रसंग में रोड़ा बनी बेटी: 45 वर्षीय मां उषा रानी के अपने से आधी उम्र के प्रेमी गुरविंदर सिंह उर्फ गोपी (23) के साथ अवैध संबंध थे, जिसमें 15 साल की बेटी अनीता रुकावट बन रही थी.
• अकेली देखकर उतारा मौत के घाट: आरोपी गुरविंदर ने लड़की को घर पर अकेला पाकर पहले उसका गला रेता और बेहद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी.
• सूटकेस में भरकर ठिकाने लगाई लाश: कत्ल के बाद शव के टुकड़े करने की नीयत से आरोपी ने लाश को एक सूटकेस में बंद किया और अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर खुरालगढ़ के घने जंगलों में ले गया.
• सबूत मिटाने के लिए कंकाल फूंका: जंगल में ले जाकर आरोपी ने सूटकेस समेत शव को आग के हवाले कर दिया. पुलिस को छानबीन के दौरान जंगल से मृत नाबालिग लड़की का जला हुआ कंकाल बरामद हुआ है.
• आरोपी गिरफ्तार, 4 दिन का रिमांड: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी गुरविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत ने आरोपी को 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है.

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समाज और रिश्तों का पतन
नवांशहर की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं है बल्कि यह हमारे सामाजिक ताने-बाने और नैतिक मूल्यों के पतन का एक बेहद डरावना उदाहरण है. एक 45 वर्षीय महिला का अपने से बेहद कम उम्र के युवक के साथ संबंध होना और उस पर इस कदर अंधा विश्वास करना कि उसकी अपनी सगी संतान उसकी आंखों में खटकने लगे, मां शब्द पर गहरा कलंक है.

आरोपी गुरविंदर की क्रूरता का स्तर किसी पेशेवर अपराधी से कम नहीं था. गला रेतने के बाद लाश को सूटकेस में पैक करना, उसे बाइक पर लादकर जंगल ले जाना और फिर आग लगा देना यह दर्शाता है कि वारदात को बहुत ठंडे दिमाग से अंजाम दिया गया था. पुलिस ने शुरुआत में इसे गुमशुदगी का साधारण मामला मानकर जांच शुरू की थी, लेकिन तकनीकी इनपुट और शक के आधार पर जब मां के प्रेमी को हिरासत में लिया गया तो इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ. इस तरह के अपराध समाज में बढ़ती अनियंत्रित इच्छाओं और मानवीय संवेदनाओं के पूरी तरह खत्म होने का संकेत देते हैं.

सवाल-जवाब
नवांशहर हत्याकांड का मुख्य कारण क्या था?
इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य कारण मृतक लड़की अनीता की मां उषा रानी (45) और आरोपी प्रेमी गुरविंदर सिंह (23) के बीच अवैध प्रेम संबंध थे. 15 वर्षीय बेटी अनीता इन संबंधों में रुकावट बन रही थी, इसलिए उसे रास्ते से हटा दिया गया.
आरोपी ने नाबालिग लड़की अनीता की हत्या को किस प्रकार अंजाम दिया?
आरोपी गुरविंदर सिंह ने अनीता को घर पर अकेला पाकर बेहद बेरहमी से उसका गला रेत दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने क्या हथकंडा अपनाया?
शव को ठिकाने लगाने और टुकड़े करने के इरादे से आरोपी ने अनीता की लाश को एक सूटकेस में बंद किया. फिर उसे अपनी मोटरसाइकिल के पीछे बांधकर खुरालगढ़ गांव के जंगल में ले गया और वहां सबूत मिटाने की नीयत से आग लगा दी.
पुलिस को जांच के दौरान क्या बरामद हुआ और आरोपी की पहचान किस रूप में हुई?
पुलिस को खुरालगढ़ के जंगलों से नाबालिग लड़की का पूरी तरह से जला हुआ कंकाल बरामद हुआ है. मामले के मुख्य आरोपी की शिनाख्त गुरविंदर सिंह उर्फ गोपी उर्फ गुरप्रीत (23) पुत्र गुरनाम सिंह, निवासी गांव जाडली, बलाचौर (नवांशहर) के रूप में हुई है.